#काव्यार्पण

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बस इतना समझ लो तुम्हारी पहुँच से बाहर हूँ मैं ....😊

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#काव्यार्पण #where_is_my_train #कविता #शून्य #Kavyarpan  White मन हर्षित तन पुलकित रोम रोम
नैनन से नीर की फुहार जैसे हो रही
भोलीभाली मतवाली राधारानी गली गली
मोहन के नेह में निहाल जैसे हो रही।
बरसी बदरिया तो भीग गयो अंग अंग
नाचे यूं मगन हो मयूर जैसे हो रही
पैजनी के घुंघरू भी नाच रहे संग संग
प्रेम की दीवानी आज सुध बुध खो रही।


मेघ घिरे कारे कारे दमके बिजुरिया तो
लिपटी यूं मीत की बांहों का हार हो रही
लाज से लजाए नैनों से जो मिली अनुमति
अधरों से अधरों की मनुहार हो रही। 
वसन के भीतर जो उर्मि समाई थी वो
दहक - दहक अंगार जैसे हो रही।
लिपटी हुई थी ऐसे चंदन से अहि जैसे
रति प्राणवायु में हो बीज जैसे बो रही।


बेसरि से फिसली जो नाभि पे ठहर गई
सावन की बूंद देखो बेईमान हो रही।
बिंदिया माथे की लाज ढोते ढोते थक गई
चांदबाली केशों का घूंघट लेके सो रही।
कंगन कलाई में मगन भए चूड़ियां तो
बिन सहयोग कैसे निसहाय हो रही।
झांझर की अनबन घुंघरू से हो गई तो
सीतापुर में भी अब बरसात हो रही।

pragya Shukla, sitapur♥️

©#काव्यार्पण

प्रेम की दीवानी आज सुध बुध खो रही #कविता #काव्यार्पण #Kavyarpan #nojoto #films #where_is_my_train @Anshu writer @Sircastic Saurabh ꧁༒शिवम् सिंह भूमि༒꧂ #शून्य राणा **Dipa** S ( Sirf tum ) @Kumar Shaurya - @छोटे हार्दिक @Er Aryan Tiwari @Niaz (Harf) Kajal Singh [ ज़िंदगी ] नंदी @Yash Mehta @Singh hanny

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Monday, 17 June | 04:53 pm

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#काव्यार्पण #PragyaShuklapoerty #शून्य #Kavyarpan #saidlove #Hindi  
इश्क का अब फसाना नहीं चाहिए
तेरे दिल में ठिकाना नहीं चाहिए
तुम मेरी याद में गर तड़प ना सको
तुमको दिल भी लगाना नहीं चाहिए।

यूं दिखावे की यारी है किस काम की
हाथ भी अब मिलाना नहीं चाहिए।

इश्क है गर तुम्हें तो बता दो अभी
वक्त इतना लगाना नहीं चाहिए।

तुम मेरा हाथ हाथों में ले ना सको
तुमको तोहफे भी लाना नहीं चाहिए।

बस करो ये दिखावा बहुत कर लिया
हो मोहब्बत छुपाना नहीं चाहिए।

जो भी कह दूं उसी को हुकुम मान लो
बात आगे बढ़ाना नहीं चाहिए।

छोड़ दो काम सारे जरूरी मगर 
प्रेमिका को सताना नहीं चाहिए।

सच हो कड़वा मगर मुझको स्वीकार है
कोई झूठा बहाना नहीं चाहिए।

तेरा सजना संवरना तो फिर ठीक है
बेवजह मुस्कुराना नहीं चाहिए।

दूर हो गर मोहब्बत तो चेहरा खुदा
खूबसूरत बनाना नहीं चाहिए।

हो मोहब्बत भले जां की बाजी मगर
पांव पीछे बढ़ाना नहीं चाहिये।

विरह के गीत सारे मुबारक हमें
इश्क का अब तराना नहीं चाहिए।

©#काव्यार्पण

इश्क का अब तराना नहीं चाहिए by pragya Shukla #Kavyarpan #काव्यार्पण #Hindi #PragyaShuklapoerty #saidlove #Holi @Anshu writer @Niaz (Harf) नंदी @Er Aryan Tiwari @Hardik Mahajan @Yash Mehta @Sircastic Saurabh @Kumar Shaurya #शून्य राणा ꧁༒शिवम् सिंह भूमि༒꧂ Kajal Singh [ ज़िंदगी ] बदनाम @Singh hanny shivom upadhyay @Bhawna Mishra

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#काव्यार्पण #शून्य #love_shayari #pragyapoetry #Kavyarpan #sitapur  White लिखा था नाम जो दिल की जमीं पर पढ़ रही हूं मैं
कि उनका रूप ही हर आईने में गढ़ रही हूं मैं 


मेरी हर शायरी में अब अलग ही मोजिजा सा है 
सुनाती हूं गज़ल यूं जैसे कलमा पढ़ रही हूं मै।


हैं उनके नैन जैसे सीप में मोती चमकता हो
रूप ऐसा कि काली रात में चंदा चमकता हो ।


श्यामल केश जब मस्तक को उनके चूम लेते हैं
जैसे दूधिया पुष्पों पे भंवरे झूम लेते हैं ।


अधर जैसे गुलाबी पुष्प ने पाई हो तरुणाई
तिमिर शय्या पे जा लेटा उगी पूरब से अरुणाई।


वो मेरे साथ ना होकर भी यूं महसूस होते हैं 
जैसे चांद सूरज आसमां में साथ होते हैं ।


बुझी सुलगी मगर इस राख में अब भी है चिंगारी
इसी कारण विरह के गीत भी लगते हैं श्रृंगारी।


प्रज्ञा शुक्ला, सीतापुर

©#काव्यार्पण

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#काव्यार्पण #शून्य #short_shyari #saidpoetry #Kavyarpan  White 


तुम भला अब क्या करोगे ,प्रीत को लज्जित करोगे

करके शुभचिंतक निमंत्रित, मंडली चर्चा करोगे

आचरण में खोंट कहना नियति में दोष कहना 

थी त्रुटि केवल हमारी बोल कर आंसू बहाना

जब कभी पूंछे कोई तो बेवफा मुझको बताना।


माथे पर सिलवट पड़ी है चूल्हे पर विरह जली है

शब्द पकते आंच पर हैं भाव टूटे कांच पर हैं

बेल घावों की हरी है आंसुओं से सिंच रही है

प्रेयसी को पत्र देना हो तो मुझसे ही लिखाना।

जब कभी पूंछे कोई तो बेवफा मुझको बताना।


वासना को नष्ट करके मंदिरों में पांव पड़के

मांथे पर टीका लगाकर काशी या नैमिष में जाकर

विप्र को गौ दान करके गंगा में स्नान करके

भागवत, मानस श्रवण कर अपने पापों को मिटाना।

जब कभी पूंछे कोई तो बेवफा मुझको बताना।


अब बिछड़ने की घड़ी है मौत सिरहाने खड़ी है 

तिमिर ने देखा वो सबकुछ कौमुदी जो कर रही है 

झीसियां परिजन की होंगी काल अभिवादन की होंगी

तुम भी दो आंसू बहाकर गंगा मईया में बहाना।

जब कभी पूंछे कोई तो बेवफा मुझको बताना।
प्रज्ञा शुक्ला, सीतापुर

©#काव्यार्पण

जब कभी पूंछे कोई तो बेवफा मुझको बताना- प्रज्ञा शुक्ला, सीतापुर #Kavyarpan #काव्यार्पण #Nojoto #saidpoetry #Love #short_shyari ꧁༒शिवम् सिंह भूमि༒꧂ #शून्य राणा @Jazbaati ladka @Sircastic Saurabh नंदी @Niaz (Harf) **Dipa** S @Kumar Shaurya @Ravi Ranjan Kumar Kausik Kajal Singh [ ज़िंदगी ] @Anshu writer @Yash Mehta @Singh hanny बदनाम shivom upadhyay @MuSaFiR @mautila registan(Naveen Pandey)

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🕊️ रजनीगंधा ❤️

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Tuesday, 4 June | 12:09 am

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