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New देके दरदिया दवाई Status, Photo, Video

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#शायरी #lefthand_sound  White बडे दिनों बाद आज फिर से जाम उठाया हे.
जिस्म के दूसरे हिस्से के मरज़ की-
दवाई तो खूब ली,
आज दिल के जख्म का इलाज उठाया हे .

©kinjal mehta

दवाई नही, जाम देदे .. #lefthand_sound

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#कॉमेडी #Youtubeshorts #Funny

#Funny 😁😁😅 अपनी बेटी को तरबूज देके सिंटाये देगो जाये मोटी को कौन मनाबे गो 😆😁😅 #Youtubeshorts

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#कॉमेडी #Youtubeshorts #Funny

#Funny 😁😁😅 अपनी बेटी को तरबूज देके सिंटाये देगो जाये मोटी को कौन मनाबे गो 😆😁😅 #Youtubeshorts

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दर्द देगे अपने ही कभी अहसान लेके देखना करेगे खड़ा कटघड़े में ज्यादा सम्मान देके देखना ©Rajesh Sharma

#शायरी #Wood  दर्द देगे अपने ही
कभी अहसान लेके देखना
करेगे खड़ा कटघड़े में
ज्यादा सम्मान देके देखना

©Rajesh Sharma

#Wood दर्द देगे अपने ही कभी अहसान लेके देखना करेगे खड़ा कटघड़े में ज्यादा सम्मान देके देखना

17 Love

White ग़ज़ल :- किसी की किसी से लड़ाई नही है । लबों पे किसी के दुहाई नही है ।। जाँ बीमार की फिर बचाई नही है । हकीमों ने बोला कमाई नही है ।। तड़पता रहा मर्ज़ से वो भी अपने । कहा सबने इसकी दवाई नही है ।। डुबा ही दिया कर्ज़ ने देखो उसको । गरीबों की अब रह नुमाई नही है ।। यही वो जगह है जहाँ पर खुदा ने । सज़ा आदमी को सुनाई नहीं है ।। दिखाओ हमें भी यहाँ शख्स कोई । हुई जिसकी अब तक रिहाई नही है ।। चले ही गये सब जहाँ से थे आये । कभी मौत अपनी बुलाई नही है ।। न देखूँ उसे क्यूँ नज़र भर बताओ । बसी जाँ है जिसमें पराई नही है ।। प्रखर ही सुनाये मुहब्बत के किस्से । मुहब्बत में उसके जुदाई नही है ।। महेन्द्र सिंह प्रखर ©MAHENDRA SINGH PRAKHAR

#शायरी  White ग़ज़ल :-
किसी की किसी से लड़ाई नही है ।
लबों पे किसी के दुहाई नही है ।।
जाँ बीमार की फिर बचाई नही है ।
हकीमों ने बोला कमाई नही है ।।
तड़पता रहा मर्ज़ से वो भी अपने ।
कहा सबने इसकी दवाई नही है ।।
डुबा ही दिया कर्ज़ ने देखो उसको ।
गरीबों की अब रह नुमाई नही है ।।
यही वो जगह है जहाँ पर खुदा ने ।
सज़ा आदमी को सुनाई नहीं है ।।
दिखाओ हमें भी यहाँ शख्स कोई ।
हुई जिसकी अब तक रिहाई नही है ।।
चले ही गये सब जहाँ से थे आये ।
कभी मौत अपनी बुलाई नही है ।।
न देखूँ उसे क्यूँ नज़र भर बताओ ।
बसी जाँ है जिसमें पराई नही है ।।
प्रखर ही सुनाये मुहब्बत के किस्से ।
मुहब्बत में उसके जुदाई नही है ।।
महेन्द्र सिंह प्रखर

©MAHENDRA SINGH PRAKHAR

ग़ज़ल :- किसी की किसी से लड़ाई नही है । लबों पे किसी के दुहाई नही है ।।

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#trendingreels #healthcoach #hunarbaaz #Trending #Healthy

किसी भी दवाई की बोटल की जो Expiry date होती है वो सिर्फ...? . . . #Trending #trendingreels #healthcoach #Health #Healthy #nojoto Share With

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#शायरी #lefthand_sound  White बडे दिनों बाद आज फिर से जाम उठाया हे.
जिस्म के दूसरे हिस्से के मरज़ की-
दवाई तो खूब ली,
आज दिल के जख्म का इलाज उठाया हे .

©kinjal mehta

दवाई नही, जाम देदे .. #lefthand_sound

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#कॉमेडी #Youtubeshorts #Funny

#Funny 😁😁😅 अपनी बेटी को तरबूज देके सिंटाये देगो जाये मोटी को कौन मनाबे गो 😆😁😅 #Youtubeshorts

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#कॉमेडी #Youtubeshorts #Funny

#Funny 😁😁😅 अपनी बेटी को तरबूज देके सिंटाये देगो जाये मोटी को कौन मनाबे गो 😆😁😅 #Youtubeshorts

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दर्द देगे अपने ही कभी अहसान लेके देखना करेगे खड़ा कटघड़े में ज्यादा सम्मान देके देखना ©Rajesh Sharma

#शायरी #Wood  दर्द देगे अपने ही
कभी अहसान लेके देखना
करेगे खड़ा कटघड़े में
ज्यादा सम्मान देके देखना

©Rajesh Sharma

#Wood दर्द देगे अपने ही कभी अहसान लेके देखना करेगे खड़ा कटघड़े में ज्यादा सम्मान देके देखना

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White ग़ज़ल :- किसी की किसी से लड़ाई नही है । लबों पे किसी के दुहाई नही है ।। जाँ बीमार की फिर बचाई नही है । हकीमों ने बोला कमाई नही है ।। तड़पता रहा मर्ज़ से वो भी अपने । कहा सबने इसकी दवाई नही है ।। डुबा ही दिया कर्ज़ ने देखो उसको । गरीबों की अब रह नुमाई नही है ।। यही वो जगह है जहाँ पर खुदा ने । सज़ा आदमी को सुनाई नहीं है ।। दिखाओ हमें भी यहाँ शख्स कोई । हुई जिसकी अब तक रिहाई नही है ।। चले ही गये सब जहाँ से थे आये । कभी मौत अपनी बुलाई नही है ।। न देखूँ उसे क्यूँ नज़र भर बताओ । बसी जाँ है जिसमें पराई नही है ।। प्रखर ही सुनाये मुहब्बत के किस्से । मुहब्बत में उसके जुदाई नही है ।। महेन्द्र सिंह प्रखर ©MAHENDRA SINGH PRAKHAR

#शायरी  White ग़ज़ल :-
किसी की किसी से लड़ाई नही है ।
लबों पे किसी के दुहाई नही है ।।
जाँ बीमार की फिर बचाई नही है ।
हकीमों ने बोला कमाई नही है ।।
तड़पता रहा मर्ज़ से वो भी अपने ।
कहा सबने इसकी दवाई नही है ।।
डुबा ही दिया कर्ज़ ने देखो उसको ।
गरीबों की अब रह नुमाई नही है ।।
यही वो जगह है जहाँ पर खुदा ने ।
सज़ा आदमी को सुनाई नहीं है ।।
दिखाओ हमें भी यहाँ शख्स कोई ।
हुई जिसकी अब तक रिहाई नही है ।।
चले ही गये सब जहाँ से थे आये ।
कभी मौत अपनी बुलाई नही है ।।
न देखूँ उसे क्यूँ नज़र भर बताओ ।
बसी जाँ है जिसमें पराई नही है ।।
प्रखर ही सुनाये मुहब्बत के किस्से ।
मुहब्बत में उसके जुदाई नही है ।।
महेन्द्र सिंह प्रखर

©MAHENDRA SINGH PRAKHAR

ग़ज़ल :- किसी की किसी से लड़ाई नही है । लबों पे किसी के दुहाई नही है ।।

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