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मिट्टी का तन, मस्ती का मन क्षण -भर जीवन मेरा परिचय

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White बदला मौसम का मिजाज़, आसमां में बादल छाए चली कुछ यूॅं मदमस्त हवा, हमें आप याद आए सावन की पहली बारिश ने, तार मेरे दिल के झनकाए देखी जो बूंदों की लड़ी, लगा आप कहीं मुस्काए मेंढक की टर्राहट भी, मधुर तान सी लगने लगी हर चमक में बिजली की, बस आप नज़र आए रिमझिम पड़ती बारिश, और हवा के ठंडे झोंके मदमस्त भरे ये लम्हे, मिलन की तड़प जगाएं पत्तों पर गिरती बूंदें, दिल में हलचल इक मचाएं इसी तरह गिरे यह बारिश, और हमें आप याद आएं ©Kirbadh

#शायरी #love_shayari  White बदला मौसम का मिजाज़, आसमां में बादल छाए
चली कुछ यूॅं मदमस्त हवा, हमें आप याद आए

सावन की पहली बारिश ने, तार मेरे दिल के झनकाए 
देखी जो बूंदों की लड़ी, लगा आप कहीं मुस्काए

मेंढक की टर्राहट भी, मधुर तान सी लगने लगी
हर चमक में बिजली की, बस आप नज़र आए

रिमझिम पड़ती बारिश, और हवा के ठंडे झोंके
मदमस्त भरे ये लम्हे, मिलन की तड़प जगाएं 

पत्तों पर गिरती बूंदें, दिल में हलचल इक मचाएं 
इसी तरह गिरे यह बारिश, और हमें आप याद आएं

©Kirbadh

#love_shayari लव शायरी शायरी लव हिंदी शायरी

14 Love

#कविता #guru_purnima  White आप हो माता, पिता भी आप हो
बन्धु हो आप, सखा भी आप हो
है यही आपकी वास्तविक पहचान
दिया है वेदों ने तभी आपको
सर्वोपरि स्थान
गुरु! आप हो महान
गुरु! आप हो महान

©Kirbadh

#guru_purnima कविता कोश कविताएं हिंदी कविता

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White वर्षों पहले घर था बना अब सिर्फ़ बचा मकान भीतर जिसके चल रही अब, रिश्तों की दुकान मर्यादाएं हर बंधन की धागों पर हैं टंगी हुई मन के भीतर द्वेष भरा है पर, चेहरों पर मुस्कान भावनाएं संबंधों की हर रोज हैं तुल रहीं बाजारू होते रिश्तों में बस, दिखलावे का सम्मान निजी हित के खातिर छल-कपट हैं कर रहे उछाल रहे सबकी इज़्ज़त क्या कुल, क्या खानदान ©Kirbadh

#कविता #relation  White वर्षों पहले घर था बना 
अब सिर्फ़ बचा मकान
भीतर जिसके चल रही
अब, रिश्तों की दुकान

मर्यादाएं हर बंधन की
धागों पर हैं टंगी हुई
मन के भीतर द्वेष भरा है
पर, चेहरों पर मुस्कान

भावनाएं संबंधों की
हर रोज हैं तुल रहीं
बाजारू होते रिश्तों में
बस, दिखलावे का सम्मान

  निजी हित के खातिर 
छल-कपट हैं कर रहे
 उछाल रहे सबकी इज़्ज़त 
क्या कुल, क्या खानदान

©Kirbadh

#relation

15 Love

#कविता #villagelife  Village Life मन के पट्ट पर
एक चित्र बना है
पहाड़ों के बीच
एक गांव बसा है
गुजरती है जिससे
एक छोटी सी नदी
चहचहाते परिंदों से
चहकती है वादी
ठंडी हवा के
हौले से झोंके
हमको बरबस
यहीं रोकें
और हम यही सोचें
बैठे हुए नाव में
की बीत जाए यह जीवन
ऐसे ही किसी गांव में

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#villagelife

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White आतिशी शहर में, बारूदी हैं गलियां दरीचों से इसकी, बरसती हैं गोलियां हर ज़र्रा जिसका, है धुआं-धुआं सा घरों से आती हैं, तो बस सिसकियां जमीन लहूलुहान, है सुर्ख़ आसमान हवा के हर झोंके में, चीख रही शैतानियां लाशों की ढ़ेर पर, गिद्ध नोश फरमा रहे दहल रही वो फिज़ा, थी गूंजती जहाॅं किलकारियां सड़े गुरूर की कैसी, नशीली दुर्गंध है फैली इंसानियत की कब्र पर, थिरक रही हैवानियां ©Kirbadh

#कविता #Crusade #crime #Hate #War  White आतिशी शहर में, बारूदी हैं गलियां
दरीचों से इसकी, बरसती हैं गोलियां

हर ज़र्रा जिसका, है धुआं-धुआं सा
घरों से आती हैं, तो बस सिसकियां

जमीन लहूलुहान, है सुर्ख़ आसमान
हवा के हर झोंके में, चीख रही शैतानियां

लाशों की ढ़ेर पर, गिद्ध नोश फरमा रहे 
दहल रही वो फिज़ा, थी गूंजती जहाॅं किलकारियां

सड़े गुरूर की कैसी, नशीली दुर्गंध है फैली
इंसानियत की कब्र पर, थिरक रही हैवानियां

©Kirbadh
#कविता #crime #Hate #War  White आतिशी शहर में, बारूदी हैं गलियां
दरीचों से इसकी, बरसती हैं गोलियां

हर ज़र्रा जिसका, है धुआं-धुआं सा
घरों से आती हैं , तो बस सिसकियां

जमीं लहुलुहान, है सुर्ख आसमान
हवा के हर झोंके में, चीख रही शैतानियां

सड़े गुरूर की कैसी, नशीली दुर्गंध है फैली
इंसानियत की कब्र पर, थिरक रही हैवानियां

©Kirbadh

#War #crime #Hate

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