Rashid Yusuf Zai

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आंगन में वो बूढ़ा शजर याद आता है उजड़ चुका है फिर भी मगर याद आता है चैन मुझे परदेस में कैसे मिल जाए सूना मुझे अजदाद का घर याद आता है राशिद यूसुफ जई ©Rashid Yusuf Zai

#शायरी #foryoupapa  आंगन में वो बूढ़ा शजर याद आता है
उजड़ चुका है फिर भी मगर याद आता है
चैन मुझे परदेस में कैसे मिल जाए
सूना मुझे अजदाद का घर याद आता है
राशिद यूसुफ जई

©Rashid Yusuf Zai

#foryoupapa

15 Love

भूल जाना तुझे कितना आसान था जैसे ख़ुशबू से ख़ाली ये गुलदान था ©Rashid Yusuf Zai

#शायरी #Health  भूल जाना तुझे कितना आसान था
जैसे ख़ुशबू से ख़ाली ये गुलदान था

©Rashid Yusuf Zai

#Health

22 Love

दाग़दारों की सियासत का असर देखा हे। मेने मुफ़लिस का दहकता हुआ घर देखा हे। ©Rashid Yusuf Zai

#शायरी #candle  दाग़दारों की सियासत का असर देखा हे।
मेने मुफ़लिस का दहकता हुआ घर देखा हे।

©Rashid Yusuf Zai

#candle

21 Love

दिलों को फतह करने के लिए , तलवार की नहीं,अख्लाक़ की ज़रुरत होती है। ©Rashid Yusuf Zai

#शायरी #Sea  दिलों को फतह करने के लिए , 

तलवार की नहीं,अख्लाक़ की ज़रुरत होती है।

©Rashid Yusuf Zai

#Sea

25 Love

कोई मिलता नहीं है मां तुझ सा अपनी पलकों पे बिठाऊं किसको ©Rashid Yusuf Zai

#शायरी #Best #Sea  कोई मिलता नहीं है मां तुझ सा
अपनी पलकों पे बिठाऊं किसको

©Rashid Yusuf Zai

#Nojoto #Best #Sea

23 Love

यार अपना मैं बताऊं किसको हाल दिल का ये सुनाऊं किसको ©Rashid Yusuf Zai

#शायरी #candle  यार अपना मैं बताऊं किसको
हाल दिल का ये सुनाऊं किसको

©Rashid Yusuf Zai

#candle #Nojoto

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