Archana Tiwari Tanuja

Archana Tiwari Tanuja

Insta Id Same..... AUTHOR.......📖📃✍️✍️✍️ COAUTHOR~1~📚📙THE BURNING OUTCRY CO __2~📘📚NANHI PHULWARY✍️ CO__3~📚📙 ANJUMAN...✍️ CO__4~📙📚NIRJHAR LEKHNI✍️ CO__5~📚📙ALFAAZ BY HEART✍️ CO__6~PATI PREM KI..✍️ "कैसे बांध दूँ मै इन्हें नियमों,मानकों की हद से? रस,छंद, अलंकार से परे है मेरे मन के भाव।।" ✍️✍️✍️✍️✍️📃📖📃📑

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#शायरी #shaheeddiwas #MyThoughts #gazal  ग़ज़ल:-

मैं उम्मीदों का जलता इक दिया हूं,
उजाला करने को हर क्षण जला हूं।१।

वतन की ढ़ाल बन हर पल डटा हूं,
मन दुश्मन के  लिए ऐसी  बला हूं।२।

मेरी पहचान  कुछ  भी  तो नहीं है,
तिरंगे  रंग  में  ही  मैं  मिला  हूं।३।

कभी ये ज़ज़्बा हम मिटने न देंगे,
रहेगा चलता मैं वो सिलसिला हूं।४।

मनायें ज़श्न आजादी का हम भी,
तिरंगा  छांव  मैं   भी  चाहता हूं।५।

कटी है ज़िन्दगी किश्तों में मेरी,
न जाने  मैं  कहां-कैसे  बटा हूं।६।

बशर हूं सर ज़मीं की गोद भाती,
फ़िज़ा में गूंजती मैं वो सद़ा हूं।७।

हमें सरहद सुकूं देता है तनुजा,
अलामत है मैं औरों से जुदा हूं।८।

©Archana Tiwari Tanuja

#shaheeddiwas #gazal #MyThoughts 24/03/2022 वज़्न-: १२२२ १२२२ १२२ मैं उम्मीदों का जलता इक दिया हूं, उजाला करने को हर क्षण जला हूं।१। वतन की ढ़ाल बन हर पल डटा हूं,

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माँ शैलपुत्री 🙏🙏 घनाक्षरी छंद:- माँ शैलपुत्री नमन, आरुढ़ वृष वाहन, हरती दु:ख संताप , माँ अभयदान दो। छाया घोर अंधेरा है,कष्टों ने डाला डेरा है, हे शैलसुता कल्याणी, भक्ति वरदान दो।। दाएँ हाथ त्रिशूल है, बाएँ मे कमल साजे, सती नाम विख्यात है, मुझे स्नेह मान दो। सौम्य मृदुल मुस्कान, दमकती छवि तेरी, शान्ति का बनू प्रतीक,श्रिया और शान दो। श्वेत वस्त्र धारती हो, तामस हर लेती हो, अज्ञान मिटा मन का, मै मूढ़ हूँ ज्ञान दो। हमारा कल्याण करो, जीवन उद्धार करो, मनोकामना पूर्ण हो, जग मे सम्मान दो।। ©Archana Tiwari Tanuja

#ghanashhri_chhand #maashailputri #hindiwriters #prathamdiwas #MyThoughts  माँ शैलपुत्री 🙏🙏
घनाक्षरी छंद:-

माँ शैलपुत्री  नमन,  आरुढ़  वृष वाहन,
हरती  दु:ख संताप ,  माँ  अभयदान दो।
छाया घोर अंधेरा है,कष्टों ने डाला डेरा है,
हे शैलसुता कल्याणी, भक्ति वरदान दो।।

दाएँ हाथ  त्रिशूल है, बाएँ मे कमल साजे,
सती नाम विख्यात है, मुझे स्नेह मान दो।
सौम्य मृदुल मुस्कान,  दमकती  छवि तेरी,
शान्ति का बनू प्रतीक,श्रिया और शान दो।

श्वेत  वस्त्र  धारती हो, तामस हर लेती हो,
अज्ञान  मिटा मन का,  मै मूढ़ हूँ ज्ञान दो।
हमारा कल्याण करो, जीवन उद्धार करो,
मनोकामना  पूर्ण हो, जग मे सम्मान दो।।

©Archana Tiwari Tanuja

अर्चना तिवारी तनुजा✍️✍️ ©Archana Tiwari Tanuja

#कविता #hindiurdushayri #nojotowriters #MyThoughts #MyPoetry  अर्चना तिवारी तनुजा✍️✍️

©Archana Tiwari Tanuja

Archanatiwari_tanuja✍️✍️ ©ArchanaTiwari_Tanuja

#nojotowriters #nojotoworld #MyThoughts #nojohindi  Archanatiwari_tanuja✍️✍️

©ArchanaTiwari_Tanuja
#HappyMothersDay #pyaarimaa #Maa❤  Love you maa❤️😘.

#pyaarimaa #Maa❤ #HappyMothersDay 09/05/2021

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सच कहती हूँ लेखन बन गया है आज मेरा जुनून, भड़ास निकालती हृदय की शब्दों को मैं चुन-चुन। उठते-बैठते,सोते-जागते अल्फ़ाज़ों की उठा-पटक, चलती रहती मेरे मन-मस्तिष्क मे हर पल,हर क्षण। हाँ करती हूँ मैं नशा हर दिन पर ये गलत तो नही! मुझे है लेखन का नशा जो मुझ पर छाया रहता है। घुट-घुट कर कब तक जीती मै एहसासों के बीच, कैसे निष्कृय बनी रहती मै भला होठो को भीच। लब खोलना जहाँ हो तौहीन वहाँ कलम बोलती है, लफ़्ज़ों की जुबां जाने कितनो के ही दिल तोड़ती है। जब से हुआ लिखने का नशा हर रिश्ता संभल गया, लत ऐसी लगी हृदय का गुंबार सरा पन्नों पे बह गया। जब लगता मन भारी-भारी सा इक कविता का जाम, थोरी शेरो-शायरी या ग़ज़ल लिख मैं पी जाया करती। देश,समाज,गाँव,गलियों की बातें सबसे साझा करती, जो नही उचित लगे मुझको उसे आईना हूँ दिखलाती। इसे मै जुनून कहूँ अपना या फिर कहूँ नशा लेखन का, बिन इसके लगे है मुझको अधूँरा सा पन्ना जीवन का।। ©ArchanaTiwari_Tanuja

#लेखन_मेरा_जुनून #hindiwritwrs  सच कहती हूँ लेखन बन गया है आज मेरा जुनून,
भड़ास निकालती हृदय की शब्दों को मैं चुन-चुन।

उठते-बैठते,सोते-जागते अल्फ़ाज़ों की उठा-पटक,
चलती रहती मेरे मन-मस्तिष्क मे हर पल,हर क्षण।

हाँ करती हूँ मैं नशा हर दिन पर ये गलत तो नही!
मुझे है लेखन का नशा जो मुझ पर छाया रहता है।

घुट-घुट कर कब तक जीती मै एहसासों के बीच,
कैसे निष्कृय बनी रहती  मै भला होठो को भीच।

लब खोलना जहाँ हो तौहीन वहाँ कलम बोलती है,
लफ़्ज़ों की जुबां जाने कितनो के ही दिल तोड़ती है।

जब से हुआ लिखने का नशा हर रिश्ता संभल गया,
लत ऐसी लगी हृदय का गुंबार सरा पन्नों पे बह गया।

जब लगता मन भारी-भारी सा इक कविता का जाम,
थोरी शेरो-शायरी या ग़ज़ल लिख मैं पी जाया करती।

देश,समाज,गाँव,गलियों की बातें सबसे साझा करती,
जो नही उचित लगे मुझको उसे आईना हूँ दिखलाती।

इसे मै जुनून कहूँ अपना या फिर कहूँ नशा लेखन का,
बिन इसके लगे है मुझको अधूँरा सा पन्ना जीवन का।।

©ArchanaTiwari_Tanuja

#लेखन_मेरा_जुनून#hindiwritwrs 08/05/2021 लेखन मेरा जुनून.... सच कहती हूँ लेखन बन गया है आज मेरा जुनून, भड़ास निकालती हृदय की शब्दों को मैं चुन-चुन।

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